Sanjiv Bakshi krit Upanyas "Bhulan Kanda" main Adiwasi JeevaAuthor: Kapil Kumar Gautam

  • ISBN 13 : 9788193859841
  • Edition : First
  • Format : HardCover
  • PRICE : ₹ 495

BOOK DESCRIPTION

आदिवासी समाज जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में जीवन- यापन करता है । उसके जीवन में जैसे कोई लक्ष्य ही ना हो, जैसे उसका लक्ष्य केवल जीवन जीना ही हो, इस भांति अपनी मस्ती में मस्त और निरंतर समस्याओं से संघर्ष करता हुआ, शांति से जीवन जीता है। भूलनकांदा उपन्यास आदिवासी जीवन को अभिव्यक्ति प्रदान करता है, समाज की व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाता है और समाज की विषमता को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करता है। वास्तविक आदिवासी जीवन का साक्षात्कार हमें भूलनकांदा उपन्यास में होता है । आदिवासी समाज की मासूमियत, उसका व्यवहार, उसका भोलापन, सहयोग की भावना, आपसी प्रेम, मानवीय मूल्यों और प्राकृति प्रेम सब कुछ एक साथ भूलनकांदा उपन्यास में खुद दिए गयें हैं । साथ ही गुथ दिए गए हैं, वह सभी विषमता, असमानता और अशिक्षा के परिणाम, जिनका आदिवासी समाज आदि हो गया है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि भूलनकांदा उपन्यास आदिवासी विमर्श की सिद्धांतिकी एवं वैचारिकी को केंद्र में रखकर लिखा गया है। जिसका मूल उद्देश्य आदिवासी समाज की दिशा की ओर तथा-कथित सभ्य समाज का ध्यान आकर्षित करना है । भूलनकांदा उपन्यास को आलोचक विष्णु खरेजी ने भारत के भीतर ही सभ्यताओं के टकराव का आख्यान कहा है। भूलनकांदा उपन्यास के अंतर्गत आदिवासी समाज के वास्तविक स्वरूप का चित्रण किया गया है। इस पुस्तक में आदिवासी समाज, संस्कृति और जीवन को आधार बनाकर भूलनकांदा उपन्यास की व्यापक समीक्षा की गई है। यह पुस्तक वास्तव में आदिवासी समाज और साहित्य में रुचि रखने वालें पाठकवर्ग के लिए विशेष रूप से सहयोगी साबित होगी।

AUTHOR DETAILS

Kapil Kumar Gautam
कपिल कुमार गौतम : माता का नाम - श्रीमति मुन्नी देवी , पिता का नाम - श्री कीर्ति बर्धन, जन्म - 03 अप्रैल 1994, ग्राम- नया गांव फैजाबाद, पोस्ट - जानसठ, जिला - मुज्जफरनगर , उत्तर प्रदेश शिक्षा- आरम्भिक शिक्षा गांव के विद्यालय में सम्पन्न हुई, हाई स्कूल व इंटरमीडिएट- डी.ए.वी. इंटर कालेज,जानसठ, जिला - मुजफ्फरनगर, उतर प्रदेश, स्नातक - डी.ए.वी. कालेज मुजफ्फरनगर, परास्नातक- हिन्दी विभाग परिसर, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय,मेरठ, उत्तर प्रदेश एम.फिल - सांची बौद्ध- भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय बारला, रायसेन मध्य प्रदेश, यूजीसी- नेट - ( नवम्बर 2017) जे.आर.एफ (जुलाई 2018,) सम्प्रति- पी.एच.डी. शोध छात्र, हिन्दी विभाग, डॉ हरी सिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, सागर , मध्य प्रदेश

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