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संचालन राजभाषा दवभाग, से सलोनरी जैन ने दकया व दनणा्मयक की भूदमका में श्री सिरीश क ु मार अदिशासरी अदभयंिा
(वाहन), श्री राजेश दनगम प्शासदनक अदिकाररी (सेवादनवृदर्), श्री गौरव चिुववेिरी (प्शासदनक अदिकाररी मुखयालय)रहे
l सभरी टरीमों ने पूण्म आतमदवश्ास से पू्े गए प्श्नों का उर्र दिया । नरेला क्षेत् टरीम प्थम, दसदवल लाइन क्षेत् टरीम दद्िरीया,
और िदक्षणरी क्षेत् टरीम िृिरीय सथान पर रहरी।दनणा्मयकों के संबोिन व जलपान के पचिाि सत् का समापन हुआ।
दिनाँक 18/09/25 को समापन समारोह हेिु पूवा्मभयास दकया गया।
दिनाँक 19/09/25 को के िारनाथ साहनरी सभागार में राजभाषा सममान सप्ाह समारोह का भवय आयोजन दकया गया
दजसमें सव्मप्थम मुखय अदिदथयों के सवागि के पचिाि माँ सरसविरी जरी को उनके हाथों मालयाप्मण व िरीप प्जवलन करवाया
गया। सरसविरी वंिना की प्सिुदि सुमन दसंघल व उनके समूह द्ारा की गई। श्री नवरीन क ु मार जरी (अधयापक)द्ारा सवागि
गान प्सिुि दकया गया। अदिदथयों के सवागि के पचिाि श्रीमिरी रोशनरी व अन्य दनगम दशक्षक, दशदक्षकाओं द्ारा रंगारंग
सांसकृदिक काय्मक्रम की सुन्िर प्सिुदि की गई,
दजसे सभरी ने सराहा। श्रीमिरी नरीिू जरी, उषा जरी, नवरीन जरी, सुभाष जरी की गायकी अिुलनरीय थरी। दहन्िरी के दभन्न - दभन्न
रूपों का ऐसा सुन्िर मंचन हुआ दक िश्मकों की िादलयों से सभागार गूँज उठा।
माननरीय आयुक्त महोिय (दिललरी नगर दनगम),श्री अदश्नरी क ु मार व अन्य दवदशटि अदिदथयों के संबोिन के पचिाि,
माननरीय महापौर सरिार राजा इक़बाल दसंह (दिललरी नगर दनगम) द्ारा संबोिन दिया गया l इसके पचिाि दिनाँक
22/08/25 को आयोदजि सभरी दहन्िरी प्दियोदगिाओं के दवजेिाओं -(कदपल गहलोि जरी, अंजलरी दसंह, दवमलेश गौड़ जरी,
वैशालरी जरी,िरीपक गुप्ा जरी, मनरीषा रानरी जरी, मनरीष क ु मार जरी और पूजा पहल जरी), दिनाँक 17/09/25 को हुई प्श्नोर्ररी की
दवजेिा टरीमों, दनगम के दहन्िरी में काय्म करने वाले, चयदनि कम्मचाररयों को पुरसकृि दकया गया। साँसकृदिक काय्मक्रमों में
दहससा लेने वाले प्दिभादगयों को भरी सममादनि दकया गया l इसके पचिाि, श्री सिरीश क ु मार माननरीय अिरीक्षण अदभयंिा
(वाहन) द्ारा कदविा पाठ दकया गया, दजसको सभरी िश्मकों ने सराहा। श्री अिुल मुद्गल और श्री मुदिि िरीदक्षि जैसे मंझे हुए
गायकों ने बहुि सुन्िर, िेश भदक्त गरीिों की सुन्िर प्सिुदि िेकर समूचे वािावरण को गुंजायमान कर दिया। प्दिभागरी दनगम
दशक्षक, दशदक्षकाओं और अन्य प्दिभादगयों ने उन गरीिों पर सुंिर नृतय कर सभागार के वािावरण को हष्म व उललास से भर
दिया । भारि मािा के जयकारों की धवदन से वािावरण गुंजायमान हो गया। सहायक आयुक्त (भाषा) द्ारा िन्यवाि ज्ापन
के पचिाि राषट्गान के साथ सत् का समापन हुआ। सभरी सत्ों का संचालन गररमामय, प्सिुदियां अद्ुि और िश्मकों की
प्दिदक्रया सवयोर्म थरी। राजभाषा दवभाग के अदिकाररयों और प्दिभादगयों का काय्म सराहनरीय रहा ।
अवनतर नारारण वमश् (संपािक)
सहायक अनुभाग अदिकाररी (भाषा)
दिललरी नगर दनगम
वहन्िली की आन है, वहन्िली की रान है ।
वहन्िली भारत के , िेहरे की मुसकान है ॥
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