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अधयापक हँ
अधयापक हूँ पढ़ाने का काम करिा हूँ। अधयापक हूँ पढ़ाने का काम करिा हूँ।
नव िरीपों को रोशनरी िेने का काम करिा हूँ ।। नव िरीपों को रोशनरी िेने का काम करिा हूँ ।।
हर रोज़ खुि की परेशादनयाँ भूल,
अधयापक हूँ उनकी समसयाओं को सुलझािा हूँ।
क ु ् दखलदखलािे िो क ु ् मुरझाये से सक ू ल में आिे हैं। ना मैं डॉकटर, ना इंजरीदनयर ना हरी मैं वैज्ादनक हूँ।
मुझे नहीं पढ़ना, मन नहीं है ऐसा कहकर रोने लग जािे हैं। मगर ऐसे कई दकरिार बनने की आशा बचचों के मन में,
और मैं वो दकरिार हूँ जो उन्हें हँसाने का काम करिा हूँ ।। जगाने का काम करिा हूँ।
अधयापक हूँ पढ़ाने का काम करिा हूँ। अधयापक हूँ पढ़ाने का काम करिा हूँ।
नव िरीपों को रोशनरी िेने का काम करिा हूँ ।। नव िरीपों को रोशनरी िेने का काम करिा हूँ ।।
दसखािा हूँ दजनको रोज़ में खुि उनसे क ु ् नया सरीख जािा हूँ। कल दफर आऊ ं गा, सर जरी ये कहकर जब वो घर जािे हैं
कभरी दशक्षक, कभरी अदभभावक िो कभरी उनका िोसि बन जािा हूँ। पूरे दिन की थकान को मुसक ु राहट में बिल जािे हैं
मैं हर रोज़ एक नया दकरिार दनभाने का काम करिा हूँ ।। और मैं महज बचचों को नहीं िेश के ,
भदवषय को बनाने का काम करिा हूँ
अधयापक हूँ पढ़ाने का काम करिा हूँ।
नव िरीपों को रोशनरी िेने का काम करिा हूँ ।। अधयापक हूँ पढ़ाने का काम करिा हूँ।
नव िरीपों को रोशनरी िेने का काम करिा हूँ ।।
जब बचचे पढ़ाई से उब जायें िो िेकर ्ोटे ्ोटे उपहार,
उन्हें लुभािा हूँ। मोनू
और खूब मन लगाकर है पढ़ना और खूब मन लगाकर है पढ़ना अधयापक, दशक्षा दवभाग
ये बाि दसखाने का काम करिा हूँ।
वहन्िली हमारे िेर की आतमा है ।
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